ये सन 2000 की बात है एक बार बाबा रामदेव एक व्यक्ति के घर गए , वहां पर उन्होनें एक बोतल रखी हुई देखी , उन्होनें उसको उठाकर पढ़ा तो मालुम हुआ की वो एक विदेशी कम्पनी द्वारा बनाये हुए Aloe Vera Juice की बोतल थी और उसकी कीमत थी 1400 रूपये
उसे पढ़कर बाबा रामदेव चौंक उठे क्योंकि वो जानते थे की Aloe Vera Juice इतना महंगा कभी हो ही नहीं सकता, उन्होनें उस व्यक्ति से कहा की भाई तुम पागल तो नहीं हो गए,1400 रुपये का Aloe Vera Juice पी रहे हो जबकि अच्छे से अच्छा Aloe Vera Juice निकालने की विधि हमारे ऋषियों द्वारा बताये गए आयुर्वेद में है और ये इतना महंगा नहीं हो सकता
तब वो व्यक्ति हंसने लगा, उसने बाबा रामदेव का मजाक उड़ाते हुए कहा की बाबा जी आपको कुछ नहीं पता, आप चुपचाप अपना योग करवाने में ध्यान दो, बाबा रामदेव ने उसे फिर समझाने की कोशिश की लेकिन वो फिर बोला की जिस चीज के बारे में मालूम ना हो उसके बारे में बोलो मत अगर महंगे-सस्ते का इतना ही ज्ञान है तो खुद का Aloe Vera Juice बनाकर दिखाओ, बाबा रामदेव बस मुस्कुरा दिए और फिर वहां से चले गए लेकिन उस रात वो सो नहीं सके, उन्हें बहुत कष्ट हो रहा था ये सोचकर की जिन लाभकारी चीजों का हमारे शास्त्रों में वर्णन है वो हमें ही इतने ऊंचे-2 दामों पर बेचकर विदेशी कम्पनी हमारे देश से धन कमा रही हैं,
उन्होनें ठान ली की वे इस लूट को रोकेंगे और ऐसा करने के लिए उन्होनें आचार्य बालकृष्ण जी से कहा की आचार्य जी अगर हम अपना खुद का Aloe Vera Juice निकालकर देशवासियों को पीने के लिए उपलब्ध करवाना चाहें तो उसकी कीमत कितनी आएगी ?? , आचार्य जी ने सारे खर्चे वगैरह का हिसाब लगाने के बाद बताया की एक बोतल की कीमत आएगी 200 रुपये , बाबा रामदेव जी ने कहा ये कार्य तुरंत शुरू कीजिये और उन्होनें फिर ऐसा करना शुरू कर दिया
इससे Aloe Vera Juice निकालकर बेचने वाली सभी विदेशी कम्पनियों में हड़कम्प मच गया और इसका नतीजा ये हुआ की जो विदेशी कंपनियां 1400 रुपये में Aloe Vera Juice बेच रही थी उन्हें इसकी कीमत घटाकर करनी पड़ी 400 रुपये।
इसका मतलब समझे आप यानी अब तक ना जाने कितने सालों से वे विदेशी कंपनियां 1400 minus 400 यानि 1000 रुपैये फ्री में लेकर जा रही थी हमारे देश से और कोई पूछने वाला ही नहीं था और जनता बड़ी ख़ुशी से 200 रुपये की चीज के 1400 रुपैये दे रही थी लेकिन जब बाबा रामदेव जी ने Aloe Vera Juice को सही कीमत पर बेचना शुरू किया तब उन विदेशी कम्पनियों को भी वो सही कीमत पर उपलब्ध करवाने के लिए मजबूर होना पड़ा और देश का कितना पैसा बचा इससे
लेकिन कुछ मूर्ख लोग अभी भी बाबा रामदेव जी द्वारा बाजार में स्वदेशी चीजें उपलब्ध करवाने के पीछे की देशहित की भावना को ना समझकर उनके बारे में अनाप-शनाप बोलते रहते हैं ,ऐसे लोगों से खुद तो कुछ होता नहीं और बाबा रामदेव जी अगर करें तो उसमें भी उन्हें पेट में दर्द शुरू हो जाता है

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