Friday, September 19, 2014

अच्छा तो ये कारण है '' आप '' नेता कुमार विश्वास के '' मोदी प्रेम '' का




राजनीती में आने से पहले कुमार विश्वास से जब भी कोई पूछता था की नरेंद्र मोदी ने गुजरात में हजारों मुसलमानों को मार डाला ,क्या आप इसके लिए नरेंद्र मोदी की निंदा करते हैं तो कुमार विश्वास का जवाब होता था -

'' पहले आप पता बताएं की गोधरा की ट्रैन में जो निर्दोष हिन्दू कारसेवक जलाये गए क्या आप उसकी निंदा करते हैं ?? अगर गोधरा ना हो तो गुजरात भी ना हो ,अगर गोधरा होगा तो गुजरात भी होगा, आप गोधरा ना होने की गारंटी दे दीजिये नरेंद्र भाई आपको गुजरात ना होने की गारंटी दे देंगें ''

खैर ये पुरानी बात है ,आज अगर हमारे कविराज मोदी जी के समर्थन में ऐसा ब्यान दे दें तो उनकी '' आप '' पार्टी में बवाल हो जाए और केजरीवाल जी को उन्हें पार्टी से निकालना पड़ जाए लेकिन सवाल उठता है की क्या कुमार विश्वास जैसे राष्ट्रवादी सोच वाले व्यक्ति को सेकुलर सूअर '' आप '' पार्टी में होना चाहिए ?? होना तो नहीं चाहिए लेकिन कविराज जैसे-तैसे अभी भी इसी पार्टी से चिपके हुए हैं जिसने उन्हें अमेठी के चुनाव में कोई मदद नहीं की और जिस कारण से बेचारे विश्वास जी की वहां से जमानत जब्त हो गयी

वैसे कविराज '' आज '' केजरीवाल के डर से कभी बीजेपी तो कभी नरेंद्र मोदी को ऊपरी मन से कितना ही कोस लें लेकिन अंदर ही अंदर उनके मन में नरेंद्र मोदी के प्रति जो प्रेम है वो बार-२ कहीं ना कहीं निकल ही आता है चाहे वो नरेंद्र मोदी को भगवान शिव के समान बताने से हो या संघ को एक देशभक्त संगठन बताने से हो या नरेंद्र मोदी को अपने ट्वीटटर अकाउंट पर जीत की बधाई देने पर है ( जिसके लिए उन्हें अपनी ही पार्टी के '' आप '' समर्थकों से काफी गालियां पड़ी ट्वीटटर पर )

दरअसल कुमार विश्वास के पिता खुद संघ के एक अनुशासित स्वयंसेवक रह चुके हैं ,इसलिए उन्होनें बचपन से ही कुमार को संघ के संस्कार दिए , नमस्ते सदा वतस्ले वाली संघ की सुबह का प्रार्थना गीत तो कुमार विश्वास को पूरा इतने अच्छे से आता है की खुद भाजपा के कई प्रवक्ताओं को उसका पूरा गान और अर्थ नहीं मालुम , लेकिन अफ़सोस कुमार विश्वास मन से मोदी जी और संघ के करीब होते हुए भी आज उनसे दूर खड़े हैं

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