Friday, September 19, 2014

मोदी जी का ये जवाब अगर आपने नहीं पढ़ा तो कुछ नहीं पढ़ा




मोदी जी के टाइम्स नाउ के इंटरव्यू का ये जवाब अगर आपने नहीं पढ़ा तो कुछ नहीं पढ़ा -

पत्रकार -

मोदी जी आप एक तरफ तो कहते हैं की आप भारत में गैर-क़ानूनी तरीके से घुसे हुए सारे बंगलादेशी मुस्लिमों को उठाकर देश से बाहर फेंक देंगें और दूसरी तरफ बंगलादेशी हिन्दुओं को आप बंगलादेश से भारत में ही बसाये जाने की वकालत करते हैं ,तो क्या ये आपकी हिन्दू-मुस्लिम के बीच में फर्क करने की सोच नहीं दिखाता ??

नरेंद्र मोदी -

पहली बात है जब मैं कहता हूँ की मैं भारत से बंग्लादेशियों को बाहर निकालूँगा तो उसमें कभी भी '' बंगलादेशी मुसलमान '' शब्द का प्रयोग नहीं करता हूँ ,मैं '' बंगलादेशी घुसपैठियों '' शब्द का प्रयोग करता हूँ अब वो अलग बात है की उनमें से ज्यादातर मुसलमान हैं लेकिन उसका ये मतलब नहीं है की मुसलमान होने से उन्हें इस देश में जबरन गैर-क़ानूनी तरीके से घुसने और मार-काट मचाने का लाइसेंस मिल जाता है, और ऐसे लोगों के बारे में तो मैं अभी भी साफ़-२ कहता हूँ की ऐसे लोगों को तो मैं बर्दाश्त नहीं करने वाला , क्या आपको मालूम है की आज हमारे देश में पांच करोड़ से भी ज्यादा बंगलादेशी गैर-क़ानूनी रूप से घुसे हुए हैं और सीमा के नजदीक के बहुत से गाँवों पे उनका कब्जा है और ये सेकुलर कहे जाने वाले नेता उन्हें वोटर आईडी कार्ड बना-बनाकर दे रहे हैं अपनी वोट बैंक की राजनीती की खातिर बिना ये सोचे की ये लोग कितना बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं हमारे देश की इंटरनल सिक्युरिटी के लिए , बंगलादेश के कटटरपंथी तत्व इन्हें जान-बुझ कर हमारे देश में डाल रहे हैं ताकि हमारे देश में जनसंख्या का जो अनुपात है वो गड़बड़ाया जा सके |

आपने मुझसे पुछा की मोदी जी आपका यही सख्त रवैया बंगलादेशी हिन्दुओं पर क्यों लागू नहीं होता लेकिन मुझसे ऐसा पूछने से पहले आप ये पता करना भूल गए की बंगलादेशी हिन्दुओं के साथ आज बंगलादेश में हो क्या रहा है ,35% हिन्दू थे बंगलादेश में आज 9 % बचे हैं ,उन्हें धर्म के आधार पर खत्म किया जा रहा है वहां से ,अब यहां पे किसी को सेकुलरिस्म के खतरे में पड़ने की चिंता क्यों नहीं होती मैं हैरान हूँ ??, आजादी से पहले वो हमारा ही हिस्सा थे या नहीं थे तो आज जब उनपर ये जुल्म किये जा रहे हैं तो क्या हमें आँख-बंद करके उन बेचारों को वहां मरने के लिए छोड़ देना चाहिए क्या ?? भारत जैसे मानवतावादी देश कहे जाने वाले लोगों को ये शोभा देता है क्या ?? वे बेचारे आखिर जायेंगें कहाँ ?? वहां पे धर्म को आधार बनाकर ही बंगलादेशी हिन्दुओं पर ही आक्रमण किये जा रहे हैं ना की किसी और चीज को , कमाल की बात तो ये है की आप मीडिया वालों को दोनों के बीच में फर्क समझ में नहीं आ रहा है की कुछ लोगों को जानबूझ कर एक प्लानिंग के तहत गैर-क़ानूनी रूप से हमारे देश में घुसाया जाना और कुछ लोगों का अपनी जान बचाने के लिए हमसे दया की गुहार लगाना ,दोनों के बीच में अंतर आप लोगों को नजर नहीं आ रहा है ,इसमें भी आप ये देख रहे हैं की ये इस धर्म का है और ये उस धर्म का। बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है ये ।



जय हिन्द जय भारत


इन्हें क्या कहें ,तथाकथित निष्पक्ष पत्रकार कहें या कांग्रेस के दलाल कहें ??


इन चार में से आपका FAVOURITE कौन ??


हम्म.......... बड़ा बोल रहा था


आम आदमी पार्टी का '' साफ़-सुथरा '' साथी


बेचारा महेश भट्ट


हा हा हा ………… मोदी लहर


अच्छा तो ये कारण है '' आप '' नेता कुमार विश्वास के '' मोदी प्रेम '' का




राजनीती में आने से पहले कुमार विश्वास से जब भी कोई पूछता था की नरेंद्र मोदी ने गुजरात में हजारों मुसलमानों को मार डाला ,क्या आप इसके लिए नरेंद्र मोदी की निंदा करते हैं तो कुमार विश्वास का जवाब होता था -

'' पहले आप पता बताएं की गोधरा की ट्रैन में जो निर्दोष हिन्दू कारसेवक जलाये गए क्या आप उसकी निंदा करते हैं ?? अगर गोधरा ना हो तो गुजरात भी ना हो ,अगर गोधरा होगा तो गुजरात भी होगा, आप गोधरा ना होने की गारंटी दे दीजिये नरेंद्र भाई आपको गुजरात ना होने की गारंटी दे देंगें ''

खैर ये पुरानी बात है ,आज अगर हमारे कविराज मोदी जी के समर्थन में ऐसा ब्यान दे दें तो उनकी '' आप '' पार्टी में बवाल हो जाए और केजरीवाल जी को उन्हें पार्टी से निकालना पड़ जाए लेकिन सवाल उठता है की क्या कुमार विश्वास जैसे राष्ट्रवादी सोच वाले व्यक्ति को सेकुलर सूअर '' आप '' पार्टी में होना चाहिए ?? होना तो नहीं चाहिए लेकिन कविराज जैसे-तैसे अभी भी इसी पार्टी से चिपके हुए हैं जिसने उन्हें अमेठी के चुनाव में कोई मदद नहीं की और जिस कारण से बेचारे विश्वास जी की वहां से जमानत जब्त हो गयी

वैसे कविराज '' आज '' केजरीवाल के डर से कभी बीजेपी तो कभी नरेंद्र मोदी को ऊपरी मन से कितना ही कोस लें लेकिन अंदर ही अंदर उनके मन में नरेंद्र मोदी के प्रति जो प्रेम है वो बार-२ कहीं ना कहीं निकल ही आता है चाहे वो नरेंद्र मोदी को भगवान शिव के समान बताने से हो या संघ को एक देशभक्त संगठन बताने से हो या नरेंद्र मोदी को अपने ट्वीटटर अकाउंट पर जीत की बधाई देने पर है ( जिसके लिए उन्हें अपनी ही पार्टी के '' आप '' समर्थकों से काफी गालियां पड़ी ट्वीटटर पर )

दरअसल कुमार विश्वास के पिता खुद संघ के एक अनुशासित स्वयंसेवक रह चुके हैं ,इसलिए उन्होनें बचपन से ही कुमार को संघ के संस्कार दिए , नमस्ते सदा वतस्ले वाली संघ की सुबह का प्रार्थना गीत तो कुमार विश्वास को पूरा इतने अच्छे से आता है की खुद भाजपा के कई प्रवक्ताओं को उसका पूरा गान और अर्थ नहीं मालुम , लेकिन अफ़सोस कुमार विश्वास मन से मोदी जी और संघ के करीब होते हुए भी आज उनसे दूर खड़े हैं

ये जोड़ी हिट है , कांग्रेसमुक्त भारत बनाने के लिए फिट है


बाबा रामदेव को व्यापारी कहने वाले एक बारी इसे जरूर पढ़ें



ये सन 2000 की बात है एक बार बाबा रामदेव एक व्यक्ति के घर गए , वहां पर उन्होनें एक बोतल रखी हुई देखी , उन्होनें उसको उठाकर पढ़ा तो मालुम हुआ की वो एक विदेशी कम्पनी द्वारा बनाये हुए Aloe Vera Juice की बोतल थी और उसकी कीमत थी 1400 रूपये

उसे पढ़कर बाबा रामदेव चौंक उठे क्योंकि वो जानते थे की Aloe Vera Juice इतना महंगा कभी हो ही नहीं सकता, उन्होनें उस व्यक्ति से कहा की भाई तुम पागल तो नहीं हो गए,1400 रुपये का Aloe Vera Juice पी रहे हो जबकि अच्छे से अच्छा Aloe Vera Juice निकालने की विधि हमारे ऋषियों द्वारा बताये गए आयुर्वेद में है और ये इतना महंगा नहीं हो सकता

तब वो व्यक्ति हंसने लगा, उसने बाबा रामदेव का मजाक उड़ाते हुए कहा की बाबा जी आपको कुछ नहीं पता, आप चुपचाप अपना योग करवाने में ध्यान दो, बाबा रामदेव ने उसे फिर समझाने की कोशिश की लेकिन वो फिर बोला की जिस चीज के बारे में मालूम ना हो उसके बारे में बोलो मत अगर महंगे-सस्ते का इतना ही ज्ञान है तो खुद का Aloe Vera Juice बनाकर दिखाओ, बाबा रामदेव बस मुस्कुरा दिए और फिर वहां से चले गए लेकिन उस रात वो सो नहीं सके, उन्हें बहुत कष्ट हो रहा था ये सोचकर की जिन लाभकारी चीजों का हमारे शास्त्रों में वर्णन है वो हमें ही इतने ऊंचे-2 दामों पर बेचकर विदेशी कम्पनी हमारे देश से धन कमा रही हैं,

उन्होनें ठान ली की वे इस लूट को रोकेंगे और ऐसा करने के लिए उन्होनें आचार्य बालकृष्ण जी से कहा की आचार्य जी अगर हम अपना खुद का Aloe Vera Juice निकालकर देशवासियों को पीने के लिए उपलब्ध करवाना चाहें तो उसकी कीमत कितनी आएगी ?? , आचार्य जी ने सारे खर्चे वगैरह का हिसाब लगाने के बाद बताया की एक बोतल की कीमत आएगी 200 रुपये , बाबा रामदेव जी ने कहा ये कार्य तुरंत शुरू कीजिये और उन्होनें फिर ऐसा करना शुरू कर दिया

इससे Aloe Vera Juice निकालकर बेचने वाली सभी विदेशी कम्पनियों में हड़कम्प मच गया और इसका नतीजा ये हुआ की जो विदेशी कंपनियां 1400 रुपये में Aloe Vera Juice बेच रही थी उन्हें इसकी कीमत घटाकर करनी पड़ी 400 रुपये।

इसका मतलब समझे आप यानी अब तक ना जाने कितने सालों से वे विदेशी कंपनियां 1400 minus 400 यानि 1000 रुपैये फ्री में लेकर जा रही थी हमारे देश से और कोई पूछने वाला ही नहीं था और जनता बड़ी ख़ुशी से 200 रुपये की चीज के 1400 रुपैये दे रही थी लेकिन जब बाबा रामदेव जी ने Aloe Vera Juice को सही कीमत पर बेचना शुरू किया तब उन विदेशी कम्पनियों को भी वो सही कीमत पर उपलब्ध करवाने के लिए मजबूर होना पड़ा और देश का कितना पैसा बचा इससे

लेकिन कुछ मूर्ख लोग अभी भी बाबा रामदेव जी द्वारा बाजार में स्वदेशी चीजें उपलब्ध करवाने के पीछे की देशहित की भावना को ना समझकर उनके बारे में अनाप-शनाप बोलते रहते हैं ,ऐसे लोगों से खुद तो कुछ होता नहीं और बाबा रामदेव जी अगर करें तो उसमें भी उन्हें पेट में दर्द शुरू हो जाता है

अमित शाह द्वारा एक पत्रकार को सोहराबुद्दीन एनकाउंटर पर दिया गया मुंह-तोड़ जवाब



पत्रकार –

आपके ऊपर सोहराबुद्दीन का एन्काउन्टर करके उसकी हत्या करवाने का आरोप है, क्या आपको नहीं लगता कि आपने अपने मंत्री पद का दुरूपयोग किया ??

अमित शाह –

इसका फैसला तो अदालत करेगी लेकिन जहाँ तक सोहराबुद्दीन जैसे लोगों का सवाल है तो क्या लगता है आपको कौन था सोहराबुद्दीन , जिसके घर से 150 AK-47 बंदूकें , 250 बम और 1 लाख के करीब गोला बारूद मिला हो लेकिन इसके बावजूद भी ऐसे आतंकवादियों के लिए रोने वाले लोग और मीडिया इस देश में मौजूद है तो मुझे लगता है की फिर हमें कोई हक नहीं बनता आतंकवादी घटनाएं होने पर ये कहने का की आखिर हमारी सरकार और पुलिस क्या कर रही है क्योंकि अगर वो कुछ करती है तो फिर आतंकवादियों को बेचारा साबित करने के लिए फिर से ऐसे लोग ही मैदान में उत्तर आते हैं , जहां तक एनकाउंटर कि बात है तो 2003-07 के बीच गुजरात में तो सिर्फ 14 एन्काउन्टर हुए लेकिन इसी दौरान पूरे देश के विभिन्न राज्यों में 1200 एन्काउन्टर हुए तो खाली गुजरात को ही निशाना क्यों बनाया जाता है हर बार ??

( भाई श्री अमित शाह जी के आउटलुक पत्रिका को दिए इंटरव्यू का एक अंश )

इनमें से कौन होना चाहिए दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री ??


सचमुच सोचने लायक बात


इनमें से कौन होना चाहिए उत्तर-प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री ??


मीडिया के बीजेपी विरोधी रवैये का सबूत



बीजेपी नेता विजय गोयल ने राजयसभा में कहा ये - नयी सरकार को विकास की नयी-२ योजनाएं सबसे पहले दिल्ली की जगह यूपी,बिहार आदि में शुरू करनी चाहिएं ताकि वहां पर रोजगार के अवसर बढ़ें, अगर वहां पर विकास के कार्य नहीं होंगें तब उन्हें दिल्ली तथा दूसरे राज्यों में काम की तलाश में आना ही पड़ेगा इसमें उनकी क्या गलती

मीडिया ने आपको बताया ये - ब्रेकिंग न्यूज बीजेपी के नेता विजय गोयल ने दिया यूपी,बिहार के लोगों के खिलाफ बयान , ब्रेकिंग न्यूज बीजेपी नेता ने किया राज ठाकरे का समर्थन आदि आदि

बीजेपी नेता निशिकांत दुबे ने लोकसभा में कहा ये - मैंने काले धन की इस समस्या के ऊपर काफी रिसर्च की और उसके हल के लिए कुछ रास्ते निकाले हैं , मेरी नयी सरकार से प्रार्थना है की मेरे बताये इन सुझावों पर विचार करे क्योंकि जब तक हम ये चीजें नहीं करेंगें तब तक काला धन वापस नहीं आ सकता

मीडिया ने आपको बताया ये - ब्रेकिंग न्यूज बीजेपी नेता निशिकांत दुबे ने कहा की हम काला धन वापस नहीं ला सकते , ब्रेकिंग न्यूज काला धन वापस लाने के वादे से बीजेपी मुकरी आदि आदि

इसलिए मीडिया की बातों पे ना जाओ अपनी अक्ल लगाओ और वो अक्ल है YOUTUBE, मीडिया आधा दिखाता है YOUTUBE पूरा दिखाता है

आम आदमी पार्टी का बेशर्म एकतरफा सेकुलरिस्म


डूब मरो डूब मरो आम आदमी पार्टी डूब मरो , अभी-२ सहारनपुर में सिख मार दिए गए उनके लिए कोई प्रदर्शन नहीं , कश्मीर में 5 लाख कश्मीरी पंडित मार दिए गए उनके लिए कोई प्रदर्शन नहीं , यूपी और बंगाल में रोज हिन्दू मारे जा रहे हैं उनके लिए भी कभी कोई प्रदर्शन नहीं ( क्योंकि शायद यहां मरने वाले इंसान नहीं ) लेकिन सिर्फ अपने एक धर्म-विशेष वोटबैंक को खुश करने की खातिर प्रदर्शन करने चले हो गाजा के उन आतंकवादियों के लिए जिनको इसराइल मार रहा है। ………………… थू है तुम पर और तुम्हारे इस एकतरफा पक्षपाती सेकुलरिस्म पर

जानिये कौन हैं नए हिन्दू हृदय सम्राट - योगी आदित्यनाथ





आजकल नरेंद्र मोदी के बाद बीजेपी में कोई एक नाम अगर सबसे अधिक चर्चा में हैं तो वो है उत्तर-प्रदेश के गोरखपुर जिले से पांच बार जीतकर संसद में पहुंचे - योगी आदित्यनाथ , हालांकि योगी आदित्यनाथ उत्तर-प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बीजेपी के लिए हमेशा से एक प्रमुख हिंदूवादी चेहरा रहे हैं लेकिन उसके बाहर उन्हें बीजेपी द्वारा कभी वैसी प्रमुखता नहीं दी गयी जैसी की अब मिल रही है

इसके पीछे एक प्रमुख कारण जो बताया जाता है वो है- राजनाथ सिंह , बताया जाता है की अपने बीजेपी अध्यक्ष रहते राजनाथ सिंह ने योगी आदित्यनाथ को कभी भी पूर्वांचल के हिस्से से आगे बढ़ने नहीं दिया क्योंकि राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ दोनों ही जाती से क्षत्रिय राजपूत हैं और राजनाथ सिंह जानते हैं की योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता और कटटर हिंदुत्ववादी भाषण शैली के सामने वो कहीं नहीं टिकते और इसलिए यूपी बीजेपी की राजनीती में योगी आदित्यनाथ को सामने लाने से कहीं उनका खुद का महत्व ना घट जाए इसलिए उन्होनें योगी को प्रोत्साहन देने की जगह हमेशा नजरअंदाज किया

लेकिन अब राजनाथ सिंह की जगह नरेंद्र मोदी का दाहिना हाथ कहे जाने वाले अमित शाह के बीजेपी अध्यक्ष बनने से स्तिथियाँ बदल गयी हैं , बताया जाता है की अमित शाह यूपी के लोकसभा चुनावो के दौरान से ही योगी आदित्यनाथ से काफी प्रभावित हैं और उनकी क्षमता को पहचान गए , इसीलिए बीजेपी अध्यक्ष बनते ही उन्होनें राजनाथ सिंह द्वारा योगी आदित्यनाथ को केवल पूर्वांचल हिस्से तक ही सीमित करे रखने की नीति को हटाया और अब यूपी में होने वाले उपचुनावों की कमान सौपते हुए उन्हें उसका स्टार प्रचारक बनाया है

वैसे एक सच्चाई यह भी है की योगी आदित्यनाथ को गोरखपुर और उसके आस-पास के इलाकों का चुनाव जीतने के लिए कभी भी बीजेपी की जरूरत नहीं पड़ती है , उन्होनें अपना खुद का एक बड़ा संगठन खड़ा किया हुआ है '' हिन्दू युवावाहिनी सेना '' के नाम से , बताते हैं की इसको लेकर उनका खुद अपनी ही पार्टी बीजेपी से एक बार विवाद भी हो चुका है , बीजेपी चाहती थी की वो '' हिन्दू युवावाहिनी सेना '' को बीजेपी के अंदर ही मिला दें लेकिन योगी ने ऐसा करने से इंकार कर दिया , उल्टा कुछ वर्ष पहले पूर्वांचल के इलाके में हो रहे उपचुनावों में उन्होनें बीजेपी से कुछ सीटों पर अपने कुछ समर्थकों को टिकट देने के लिए कहा था जो की बीजेपी ने देने से इंकार कर दिया था तब उन्होनें बीजेपी तक के खिलाफ अपने वे उम्मीदवार निर्दलीय के रूप में उतार दिए थे और उनका प्रचार किया था और नतीजा ये हुआ की बीजेपी के उम्मीदवार वो चुनाव हार गए और योगी के उम्मीदवार जीते तब बीजेपी को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होनें योगी के पास जाकर खेद प्रकट किया ,तब योगी ने भी इसका स्वागत किया और अपने उन जीते उम्मीदवारों को बीजेपी में शामिल करवा दिया

संघ परिवार को भी योगी आदित्यनाथ के महत्व का पता है , वो एक जनाधार वाले लोकप्रिय नेता होने के साथ-२ गोरखपुर की एक ऐसी धार्मिक गद्दी के महंत भी हैं जिसके की लाखो भक्त हैं और योगी आदित्यनाथ का साधू-संतों के बीच में भी काफी अच्छा नेटवर्क है , साथ ही योगी आदित्यनाथ ने कटटर हिंदुत्व में अपनी निष्ठां को कभी छिपाया भी नहीं और इसको लेकर मीडिया और सेकुलर वर्ग द्वारा उनके ऊपर चाहे कितने ही हमले क्यों ना किये गए हों उन्होनें कभी इसकी परवाह नहीं की है, इस प्रकार से वो संघ की उम्मीदों पर भी एक प्रकार से खरे उतरते हैं

'' अबकी बार योगी सरकार '' ये नारा भी आजक यूपी बीजेपी के कार्यकर्ताओं में काफी लोकप्रिय हो रहा है जो की राजनाथ सिंह के लिए सिरदर्द बना हुआ है क्योंकि वो अपने बेटे पंकज सिंह को बीजेपी की तरफ से यूपी सीएम प्रोजेक्ट कर रहे थे लेकिन योगी आदित्यनाथ की बढ़ती लोकप्रियता ,अमित शाह का उन्हें फ्री हैण्ड देना और खुद पंकज सिंह का घूसखोरी काण्ड में फंसने से उनका ये सपना अब मटियामेट होता दिख रहा है

हमारा झंडा ऐसा हो तो कैसा हो


देश के दुश्मनों के खिलाफ एक योगी की ललकार


मोदी की कुर्सी आडवाणी ने नहीं मैंने बचाई थी - बाल ठाकरे






हिन्दू हृदय सम्राट बाला साहेब ठाकरे का पत्रकार शेखर गुप्ता को 2007 में दिया हुआ एक शानदार इंटरव्यू -

शेखर गुप्ता -

आज जो मेरे मेहमान हैं उनके बारे में बहुत से लोग बहुत सी बातें कहते हैं , कोई उन्हें मुंबई का डॉन कहता है तो कोई एक महान चित्रकार , कोई तानाशाह कहता है तो कोई महाराष्ट्र का शेर , जी हाँ आज मेरे मेहमान हैं शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे , तो बाला साहब मैं आपसे ही पूछता हूँ ,आपको इनमें से कौन सा नाम पसंद है ??

बाल ठाकरे -

मुझे बस महाराष्ट्र का टाइगर या मराठी टाइगर ही कहलाया जाना पसंद है , शेर मैं मोदी को कहता हूँ

शेखर गुप्ता -

आपका मतलब नरेंद्र मोदी ??

बाल ठाकरे -

हाँ नरेंद्र मोदी ,अभी कुछ दिन पहले आया था मुझसे मिलने, मैंने उसे कहा की मैं मराठी टाइगर हूँ और तुम गुजराती शेर हो

शेखर गुप्ता -

मोदी ने इस पर क्या कहा ??

बाल ठाकरे -

वो हंसने लगा और बोला बाला साहब बस आपका आशीर्वाद मेरे ऊपर बना रहे

शेखर गुप्ता -

लेकिन नरेंद्र मोदी के बारे में तो बहुत से लोग अच्छी राय नहीं रखते

बाल ठाकरे -

हा हा हा हा हा हा ( जोर से हँसते हैं ) मैं वो पहला व्यक्ति था जिसने नरेंद्र मोदी की 2002 के दंगों के बाद भी तारीफ की थी ,तुम मीडिया वालों ने उस समय उसके खिलाफ जो तूफ़ान खड़ा किया था उस समय भी मैंने उसका साथ दिया था , लोग कहते हैं की मोदी की कुर्सी आडवाणी ने बचाई जबकि वो मैं था जिसने मोदी की कुर्सी बचाई थी

शेखर गुप्ता -

वो कैसे ????

बाल ठाकरे -

ये आडवाणी आया था मेरे पास मिलने दंगों के बाद , मैंने उससे पूछा की फिर क्या फैसला लिया है तुम लोगों ने मोदी के बारे में ,आडवाणी बोला बाला साहब हमें मोदी को हटाना पड़ेगा , काफी बड़ा बवाल खड़ा हो गया है सारे देश में इस गुजरात दंगे के कारण , मैंने उसी समय आडवाणी का हाथ पकड़ लिया और कहा - नहीं ,ऐसा हरगिज मत करना , मोदी गया तो गुजरात गया

शेखर गुप्ता -

'' मोदी गया तो गुजरात गया '' का मतलब ?? गुजरात कहाँ गया ??

बाल ठाकरे -

मतलब गुजरात हमेशा के लिए बीजेपी के हाथ से गया , मोदी को हटाया तो आने वाले सौ सालों तक कोई भी गुजराती बीजेपी को वोट नहीं करेगा ,मैंने अडवाणी को कहा तुमको मोदी दिखाई देता है गोधरा नहीं दिखाई देता है , वहां जिन्दा जलाये गए हिन्दू नहीं दिखाई पड़ते हैं , ठीक से सुन लो अगर मोदी को हटाया तो हमारा तुम्हारा ( यानी बीजेपी और शिवसेना ) रिश्ता भी खत्म समझना

शेखर गुप्ता -

फिर आडवाणी ने इस पर क्या कहा ??

बाल ठाकरे -

अडवाणी बोला बाला साहेब आपने मेरी आँखें खोल दी ,मैं आपको वचन देता हूँ की गुजरात का सीएम मोदी ही रहेगा

शेखर गुप्ता -

लेकिन बाला साहब अटल जी द्वारा कहे गए '' राजधर्म '' शब्द का क्या , क्या गुजरात में जो हुआ वो राजधर्म के खिलाफ नहीं था ??

बाल ठाकरे -

राजधर्म !!!! क्या होता है ये राजधर्म ???? इस देश में राजधर्म जैसी कोई चीज कहीं पर भी नहीं है , यहाँ एक ही धर्म चलता है '' मुस्लिम खुश करो धर्म ''

शेखर गुप्ता -

आप मुसलमानों के इतना खिलाफ क्यों हैं ??

बाल ठाकरे -

मैं सारे मुसलामानों के खिलाफ नहीं हूँ लेकिन ये पता लगाना बड़ा मुश्किल है की कौन से वाले के दिल में हिन्दुस्तान है और कौन से के दिल में पाकिस्तान, हिन्दुस्तान में रहकर पाकिस्तान दिल में रखने वालों के मैं खिलाफ हूँ और ये बात कहने से मैं डरता नहीं हूँ

शेखर गुप्ता -

आपके पास में ये एक बीयर की बोतल रखी हुई है ,क्या आप बीयर पीते हैं ??

बाल ठाकरे -

हाँ पीता हूँ लेकिन दवाई के रूप में , मुझे कब्ज है , डॉक्टर ने सलाह दी है की मैं लाल बीयर पीऊँ लेकिन मुझे उसका स्वाद नहीं पसंद है ,इसलिए मैं ये सफेद बीयर पीता हूँ

शेखर गुप्ता -

वैसे कहा जाता है की लाल बीयर दिल के लिए भी अच्छी रहती है

बाल ठाकरे -

दिल हो तो पियूँ ना, मेरे सीने में दिल ही नहीं है सिर्फ पत्थर है ,इसलिए सफेद ही मेरे लिए ठीक है

इस इंटरव्यू की वीडियो का लिंक -

http://www.ndtv.com/video/player/walk-the-talk/walk-the-talk-with-bal-thackeray-aired-on-january-28-2007/253252