Wednesday, November 19, 2014
Tuesday, October 28, 2014
Friday, September 19, 2014
मोदी जी का ये जवाब अगर आपने नहीं पढ़ा तो कुछ नहीं पढ़ा
मोदी जी के टाइम्स नाउ के इंटरव्यू का ये जवाब अगर आपने नहीं पढ़ा तो कुछ नहीं पढ़ा -
पत्रकार -
मोदी जी आप एक तरफ तो कहते हैं की आप भारत में गैर-क़ानूनी तरीके से घुसे हुए सारे बंगलादेशी मुस्लिमों को उठाकर देश से बाहर फेंक देंगें और दूसरी तरफ बंगलादेशी हिन्दुओं को आप बंगलादेश से भारत में ही बसाये जाने की वकालत करते हैं ,तो क्या ये आपकी हिन्दू-मुस्लिम के बीच में फर्क करने की सोच नहीं दिखाता ??
नरेंद्र मोदी -
पहली बात है जब मैं कहता हूँ की मैं भारत से बंग्लादेशियों को बाहर निकालूँगा तो उसमें कभी भी '' बंगलादेशी मुसलमान '' शब्द का प्रयोग नहीं करता हूँ ,मैं '' बंगलादेशी घुसपैठियों '' शब्द का प्रयोग करता हूँ अब वो अलग बात है की उनमें से ज्यादातर मुसलमान हैं लेकिन उसका ये मतलब नहीं है की मुसलमान होने से उन्हें इस देश में जबरन गैर-क़ानूनी तरीके से घुसने और मार-काट मचाने का लाइसेंस मिल जाता है, और ऐसे लोगों के बारे में तो मैं अभी भी साफ़-२ कहता हूँ की ऐसे लोगों को तो मैं बर्दाश्त नहीं करने वाला , क्या आपको मालूम है की आज हमारे देश में पांच करोड़ से भी ज्यादा बंगलादेशी गैर-क़ानूनी रूप से घुसे हुए हैं और सीमा के नजदीक के बहुत से गाँवों पे उनका कब्जा है और ये सेकुलर कहे जाने वाले नेता उन्हें वोटर आईडी कार्ड बना-बनाकर दे रहे हैं अपनी वोट बैंक की राजनीती की खातिर बिना ये सोचे की ये लोग कितना बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं हमारे देश की इंटरनल सिक्युरिटी के लिए , बंगलादेश के कटटरपंथी तत्व इन्हें जान-बुझ कर हमारे देश में डाल रहे हैं ताकि हमारे देश में जनसंख्या का जो अनुपात है वो गड़बड़ाया जा सके |
आपने मुझसे पुछा की मोदी जी आपका यही सख्त रवैया बंगलादेशी हिन्दुओं पर क्यों लागू नहीं होता लेकिन मुझसे ऐसा पूछने से पहले आप ये पता करना भूल गए की बंगलादेशी हिन्दुओं के साथ आज बंगलादेश में हो क्या रहा है ,35% हिन्दू थे बंगलादेश में आज 9 % बचे हैं ,उन्हें धर्म के आधार पर खत्म किया जा रहा है वहां से ,अब यहां पे किसी को सेकुलरिस्म के खतरे में पड़ने की चिंता क्यों नहीं होती मैं हैरान हूँ ??, आजादी से पहले वो हमारा ही हिस्सा थे या नहीं थे तो आज जब उनपर ये जुल्म किये जा रहे हैं तो क्या हमें आँख-बंद करके उन बेचारों को वहां मरने के लिए छोड़ देना चाहिए क्या ?? भारत जैसे मानवतावादी देश कहे जाने वाले लोगों को ये शोभा देता है क्या ?? वे बेचारे आखिर जायेंगें कहाँ ?? वहां पे धर्म को आधार बनाकर ही बंगलादेशी हिन्दुओं पर ही आक्रमण किये जा रहे हैं ना की किसी और चीज को , कमाल की बात तो ये है की आप मीडिया वालों को दोनों के बीच में फर्क समझ में नहीं आ रहा है की कुछ लोगों को जानबूझ कर एक प्लानिंग के तहत गैर-क़ानूनी रूप से हमारे देश में घुसाया जाना और कुछ लोगों का अपनी जान बचाने के लिए हमसे दया की गुहार लगाना ,दोनों के बीच में अंतर आप लोगों को नजर नहीं आ रहा है ,इसमें भी आप ये देख रहे हैं की ये इस धर्म का है और ये उस धर्म का। बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है ये ।
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