Saturday, December 13, 2014

कुछ सवाल और उन पर योगी जी के जवाब




पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री 

आजकल बीजेपी के यूपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में दो नाम बड़े उभर रहे हैं ,एक वरुण गांधी और दूसरा योगी आदित्यनाथ, आपकी इस पर प्रतिक्रिया

योगी आदित्यनाथ

इसका निर्णय पार्टी करेगी मैं इस पर क्या प्रतिक्रिया दूँ

पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री 

लेकिन वरुण गांधी की मां मेनका गांधी ने तो कह दिया है की उनका बेटा वरुण ही होना चाहिए

योगी आदित्यनाथ

देखिये अगर पार्टी को भी यही स्वीकार्य हो तो यही होना चाहिए ,किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए लेकिन एक बात निश्चित होनी चाहिए की जो भी पार्टी का चेहरा बनाया जाए वह उस विचारधारा के प्रति पूरी तरह से समर्पित व्यक्ति हो जिस विचारधारा के लिए पार्टी का जन्म हुआ था

ये नहीं चल सकता की आप पार्टी के कंधों पर बैठकर सफलता तक तो पहुँच जाएँ और फिर वहां जाकर ये ब्यान देते फिरें  की नहीं पार्टी की वजह से नहीं मैं तो आज जो कुछ हूँ अपने खानदान की वजह से हूँ ,मेरा तो उनसे खून का रिश्ता है मेरा तो आज भी उनसे लगाव है, ये दोहरी मानसिकता नहीं होनी चाहिए की इस नाव की सवारी भी करूँ और उस नाव का लाभ भी उठाता रहूँ

पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री 

बहुत से लोग आपका नाम ले रहे हैं की आपको सीएम उम्मीदवार बनाकर अगर पार्टी लड़े तो विजय निश्चित है ,आपको उत्तर-प्रदेश का मोदी तक कहा जा रहा है

योगी आदित्यनाथ

देखिये मैं एक ख़ास विचारधारा और मिशन के साथ पूरे समर्पण के साथ जुड़ा हुआ व्यक्ति हूँ और उसी को सफल करने में दिन-रात लगा हुआ हूँ , मैंने इस बारे में ना तो कभी सोचा है और ना ही मेरी ऐसी  कोई इच्छा है ,बाकी इसका निर्णय पार्टी को ही करना है

पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री -

योगी जी राम मन्दिर मुद्दे के बारे में आपकी क्या राय है ,क्या आपको लगता है की कभी वहां अयोध्या में राम मन्दिर बन पायेगा ??

योगी आदित्यनाथ

राम मन्दिर तो 2003 में ही बन चुका होता अगर अटल जी मुलायम सिंह के झांसे में ना आये होते

पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री 

वो कैसे ??

योगी आदित्यनाथ

2003 में ही वहां पर राम मन्दिर बनाने की पूरी व्यवस्था कर ली गयी थी , यहाँ तक की मुस्लिम समाज भी पूरी तरह से सहमत हो गया था वहां राम-मन्दिर के लिए परन्तु अंतिम समय पर मुलायम सिंह यादव ने टांग अड़ा दी और अटल जी को बार-२ ये कहा की अटल जी केवल 2004 तक रुक जाइए ,2004 में आपने फिर से जीतना ही है ,उसके पश्चात पूरे आराम से वहां राम मन्दिर बनवाइयेगा मैं आपको वचन देता हूँ तब मैं खुद राम-मन्दिर बनवाने में आपको पूरा सहयोग और समर्थन दूंगा , हममें से बहुत से लोगों ने अटल जी को आगाह किया था की मुलायम सिंह की बातों में मत आइये वह एक नम्बर का कपटी है लेकिन अटल जी ने हमारी नहीं सुनी और मुलायम सिंह की बातों में आ गए और मुझे लगता है उसी की भारी कीमत चुकानी पड़ी पार्टी को 2004 के चुनाव में और पार्टी हार गयी और मुलायम सिंह मन्दिर-निर्माण को टालने के अपनी चाल में सफल हुआ

पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री 

लेकिन अब तो आपकी मोदी-सरकार है क्या अब वहां मन्दिर बनेगा ??

योगी आदित्यनाथ

मेरा मानना है की अब हमारा दावा वहां पर और ज्यादा मजबूत हुआ है क्योंकि 30 September 2010 को कोर्ट तक का फैसला आ चुका है और कोर्ट तक ने माना है की हाँ वही स्थान राम-जन्मभूमि थी और उसी स्थान पर एक मन्दिर था जिसे की तोडा गया था और उस पर जबरन मस्जिद खड़ी की गयी थी , ये फैसला आने से पहले तक मुस्लिम पक्ष ये कह रहा था की जो भी कोर्ट का फैसला होगा हम उसको मानेंगें लेकिन फैसला आते ही वे इस बात से मुकर गए और अब फिर से एक और याचिका डाल दी लेकिन अब केंद्र में हमारी सरकार है और मुझे पूरा यकीन है की कोर्ट का फिर से वही फैसला आने के पश्चात वहां पर निश्चत रूप से एक भव्य मन्दिर का निर्माण किया जायेगा ,हिन्दू-समाज अब और ज्यादा इन्तेजार नहीं करने वाला है

पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री

आप मुस्लिमों को हज सब्सिडी देने के खिलाफ हैं ??

योगी आदित्यनाथ

इस्लाम खुद इस बात को कहता है की कर्ज लेकर कभी भी धार्मिक यात्रा नहीं की जानी चाहिए लेकिन खुद मुसलमान इस बात को नहीं मान रहे हैं ,जहाँ पर इनको फायदा होता हो वहां पर तो सुविधा ले लेंगें लेकिन जहाँ अगर थोडा भी नुक्सान होता हो तो वहां इनका इस्लाम खतरे में पड़ जाता है

पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री

लेकिन अभी सुना है की अखिलेश यादव ने हिन्दुओं को भी उनकी कैलाश मानसरोवर की धार्मिक यात्रा में सब्सिडी देने की बात कही है ??

योगी आदित्यनाथ

कितने हिन्दुओं को ?? हर साल मात्र 25 लोगों को और हज के लिए उत्तर-प्रदेश के कितने मुसलमानों को सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है हर साल ढाई लाख मुसलमानों को, अरे ये तो ऊंट के मुंह में जीरा डालने वाली बात हो गयी ,अगर ढोंग ना करके सच में सबको बराबर मानते हैं तो आबादी के अनुसार दें ना ,जितने मुसलमान जाते हैं उनको तो सबको देंगें लेकिन प्रदेश से जो लाखों हिन्दू जाते हैं उनमें से केवल 25 लोगों को मिलेगी ,ये किसे मूर्ख बना रहे हैं

पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री

आपने एक और मुद्दा उठाया था की मस्जिद के इमामों को अगर सरकार की तरफ से वेतन दिया जा सकता है तो मन्दिर के पुजारियों को क्यों नहीं

योगी आदित्यनाथ

बिलकुल उठाया था और मैं अभी भी अडिग हूँ इस पर की अगर आप सच में मानते हैं की भारत एक सेकुलर देश है तो केवल मस्जिद के मुल्ले-मौलवियों को ही वेतन ,पेंशन आदि क्यों मिलनी चाहियें ?? फिर तो मन्दिर के पुजारियों को भी मिलनी चाहिए , अगर मस्जिद वालों का हक बनता है तो फिर मन्दिर वालों का भी उतना ही हक बनता है भई, या तो आप ये सुविधायें दोनों को दें या फिर किसी को भी ना दें

यहाँ उत्तर-प्रदेश में कन्या विद्या धन केवल मुस्लिम बालिकाओं को ही दिया जाएगा हिन्दू बालिकाओं को नहीं ऐसा क्यों ?? अगर भारत सेकुलर देश है तो दोनों को दीजिये ना , मुस्लिम की बेटी ही बेटी मानी जायेगी और हिन्दू की बेटी बेटी नहीं मानी जायेगी ये दोहरे मापदंड जब तक इस देश में चलेंगें तब तक सच्चा सेकुलरिज्म देश में कभी आ ही नहीं सकता है

पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री

लेकिन योगी जी समाजवादी पार्टी का कहना है की जब से अमित शाह यूपी में आये हैं यहाँ दंगें होने शुरू हो गए हैं ??

योगी आदित्यनाथ

अमित जी तो मात्र एक साल पहले ही यूपी में आये हैं लेकिन यूपी में दंगें तो पिछले ढाई साल से हो रहे हैं इस समाजवादी पार्टी की सरकार के इन मात्र ढाई सालों में ही 450 से अधिक दंगे हो चुके हैं

पहला दंगा मथुरा के कोसी कलां में होता है क्यों होता है क्योंकि दो व्यापारी जा रहे होते हैं उनको प्यास लगती है और वे मस्जिद के पास बने एक प्याऊ में से पानी पीना शुरू करते हैं अचानक मस्जिद में से मुसलमानों की भीड़ निकलती है और उन्हें मारना-पीटना शुरू कर देती है की मस्जिद के पास बने प्याऊ में से पानी पीने की उनकी हिम्मत कैसे हुई है ,बताइए इस देश का हिन्दू अब अपने देश में पानी भी नहीं पी सकता है

सहारनपुर में दंगा होता है जिसमें सिखों को निशाना बनाया जाता है और जब उनकी मदद के लिए हिन्दू आते हैं तो उनकी भी दुकानें जला दी जाती हैं

मुरादाबाद के कांठ में 4 धार्मिक स्थल हैं 3 मस्जिद हैं 1 मन्दिर है मस्जिदों पर माइक लगा रहने दिया जाता है और मन्दिर का माइक उतार दिया जाता है क्यों भई अगर मन्दिर का माइक शान्ति में बाधक है तो मस्जिद का माइक शान्ति में सहायक कैसे हो जाएगा ??

मुजफ्फरनगर में पहले हिन्दू मरवाए जाते हैं और फिर बाद में जब हिन्दू भी जवाब देना शुरू करते हैं तो मुस्लिमों को बचाने के लिए उन्हें कैम्पों में भिजवा दिया जाता है ,ये सब कुछ हो रहा है उत्तर-प्रदेश में लेकिन दुर्भाग्य से कोई मीडिया इस सच को दिखाने का और पूरी बात बताने का साहस नहीं करती 


विडियो देखने के लिए इस लिंक पर जाएँ

https://www.youtube.com/channel/UC4TP-_qlvXYR-zXUJlBAGNQ/videos

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